भारत एक ऐसा देश जहां विभिन्न जाति और धर्मों के लोग रहते हैं। लेकिन अनेकता में एकता ही देश की पहचान है और भाईचारा ही है जिसने सबको जोड़ कर रखा है। गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के एक पूर्व प्रोफेसर हैं जो मुस्लिम हैं और संस्कृत पढ़ाते थे। वह इस बात को सिद्ध कर रहे हैं कि ज्ञान का कोई धर्म नहीं होता है। उनका कहना है कि संस्कृत पढ़ाते समय उन्हें उनके छात्रों का प्यार और सम्मान हमेशा मिलता रहा है।
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