पटना
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। इस बीच हम आपको पटना दियारा की ऐसी तस्वीर दिखाने जा रहे हैं जिसे देखने के बाद कोई भी सन्न रह जाए। ये तस्वीर इलाके के मवेशीपालकों की है। देखिये कैसे इन लोगों को अपनी जान पर खेलकर मवेशियों को चारा खिलाने के लिए नदी पार करके जाना पड़ता है। अपने जानवरों की पूंछ के सहारे ये लोग गंगा नदी की तेज धारा को पार करते हैं और फिर इसी तरह से वापस लौटते हैं।
मवेशी की पूंछ के सहारे पार करते हैं गंगा नदी
भले ही गंगा नदी की धार तेज हो लेकिन ये ग्रामीण अपना और अपने मवेशियों का पेट पालने के लिए इसी तरह से आने-जाने को मजबूर है। लगभग 500 मवेशीपालक रोजाना गंगा पार करते हैं। इसकी मुख्य वजह है इन जानवरों को चारा महंगा होना। सस्ते चारे की खोज में मवेशी के साथ ये लोग निकलते हैं, फिर शाम होने से पहले अपने पशुओं पूंछ के सहारे नदी पार करके वापस लौटते हैं।
प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरुरत
बड़ा सवाल यही है कि नदी पार करते समय अगर गलती से इनका हाथ छूट जाए तो उनकी जान मुश्किल में फंस सकती है। गंगा की धार में 45 मिनट तक रोज इन लोगों का मौत से सामना होता है। ग्रामीण दिनेश यादव का कहना है कि चारा महंगा हो गया है। ऐसे में अपना और मवेशी का पेट पालना जरूरी है इसलिए चारा के लिए जीवन और मौत से सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रशासन को इस मामले में ध्यान देने की जरुरत है, जिससे इन लोगों को थोड़ी सहूलियत मिल सके।
from न्यूज़ - वीडियो - Navbharat Times https://ift.tt/36spIau
No comments:
Post a Comment