Thursday, December 3, 2020

Rajendra Prasad Birth Anniversary : क्या है उस स्कूल का हाल, जहां पढ़ते थे डॉ राजेंद्र प्रसाद

छपरा
भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद जिस विधालय में पढ़ते थे, वह विधालय छपरा में हैं जिसे हम जिला स्कूल के नाम से जानते है। 1906 में पढ़ाई के दौरान परीक्षक ने राजेंद्र बाबू को परीक्षक से बेहतर बताया था और कॉपी मूल्यांकन के दौरान एग्जामिनी इज बेटर देन एग्जामिनर लिख दिया था। वास्तव में यह अपने आप में एक अलग तरह का सम्मान था जो किसी छात्र को शिक्षक से मिला था।

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हालांकि पूर्व में स्कूल प्रशासन ने इस बावत उनके समय के कॉपी और अन्य अभिलेख को मंगाने के लिए कोलकाता लाइब्रेरी प्रशासन को कई बार पत्राचार किया है। वर्तमान समय में उस पत्राचार का भी कोई रिकॉर्ड संधारित नहीं है। बस केवल उनकी एक प्रतिमा लगी है और उनके नाम की एक वाटिका है। जो जीर्ण-शीर्ण हालत में है।

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बताया जाता है कि राजेंद्र बाबू को प्रारंभिक शिक्षण के बाद 12 वर्ष की उम्र में आगे की पढ़ाई के लिए छपरा जिला स्कूल भेजा गया था। इसी दौरान राजेंद्र प्रसाद का विवाह राजवंशी देवी से हुआ था। विवाह के बाद वे अपने बड़े भाई महेंद्र प्रसाद के साथ पढ़ाई के लिए पटना चले गए थे। यहां पर उन्होंने टी.के. घोष अकादमी में दाखिला लिया था। इस संस्थान में उन्होंने दो साल अध्ययन किया। कोलकाता विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया था। इस उपलब्धि पर उन्हें 30 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति से पुरस्कृत भी किया गया था।

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राजेंद्र बाबू ने कानून में मास्टर की डिग्री विशिष्टता के साथ हासिल की और इसके लिए उन्हें स्वर्ण पदक प्रदान किया गया था। कानून में ही उन्होंने डाक्टरेट भी किया था। कुछ दिनों तक वकालत करने के बाद राजेंद्र बाबू ने वकालत छोड़कर अंग्रेजों के खिलाफ देश में चल रहे आंदोलन में शामिल हो गए।राजेंद्र बाबू की समृति को संजोने में सारण जिला प्रशासन का प्रयास सिफर है।

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हालांकि जिला स्कूल के कैंपस में नगर निगम प्रशासन की तरफ से करीब एक करोड़ की लागत से एक पार्क बनाया गया है जो राजेंद्र बाबू को समर्पित है। इसके बनें हुए करीब दो साल हो गए लेकिन आज तक चालू नहीं हुआ। काम पूरा हो चुका है लेकिन निगम और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण शुभांरभ नहीं हो सका है। स्कूल प्रशासन को इसके बारे में अवगत भी नहीं कराया गया है कि कब तक हैंडओवर किया जाएगा।




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