औरंगाबाद / शिवहर ।
औरंगाबाद की एक गांव में रहने वाली सुनैना के घर 30 अप्रैल को बेटी की शादी थी। 25 अप्रैल को तिलक का कार्यक्रम था जिसे लेकर तैयारियां जोरों पर की जा रही थी। शादी को लेकर गहने कपड़े वगैरह की खरीदारी पूरी की जा चुकी थी और शादी में होने वाले खर्च के लिए नकद राशि भी जमा कर ली गई थी। लेकिन 2 अप्रैल यानी शुक्रवार का दिन इस परिवार के लिए मनहूस दिन बन कर सामने आया। क्योंकि अगलगी की घटना में शादी के लिए इकट्ठे किए गए सभी सामान के साथ रखा कैश भी जलकर राख हो गया।वहीं दूसरी ओर शिवहर में भी अगलगी की घटना में 3 घर जलकर राख हो गए। अगलगी घटना में तबाह हुए घर मे से एक घर हरिनारायण सिंह का का भी था। उन्होंने बताया कि 7 दिन पहले ही उनकी पत्नी का देहांत हो गया था। हरि नारायण सिंह के साथ पूरा परिवार श्राद के कार्य में जुटा हुआ था। इसके लिए सारी सामग्री और पैसे भी इकट्ठे किए जा चुके थे। लेकिन भीषण आग ने सभी को लील लिया।आपको बता दें कि इसके अलावा औरंगाबाद में ही एक और अगलगी की घटना में कई घर जल गए है। वहीं आज ही वैशाली जिले के हाजीपुर में भी दलितों की बस्ती में आग लग गई। इस अगलगी की घटना में लाखों की संपत्ति के स्वाहा होने की भी आशंका जताई जा रही है। यानी बिहार के कई जिलों में अगलगी की घटनाओं ने ना सिर्फ गरीबों के झोपड़े और घर को जला दिया बल्कि उनकी जिंदगी भर की कमाई को भी खत्म कर दिया।
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