रतलाम, मध्य प्रदेश
रतलाम में हुई एक शादी कोरोना का सुपर स्प्रेडर बन जाती, अगर प्रशासन के अफसर वक्त पर नहीं पहुंचते। दरअसल, दूल्हे को कोरोना हुआ था, 19 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। प्रशासन ने बकायदा दूल्हे के घर को कंटेनमेंट घोषित कर दिया था। नसीहत दी थी कि इस दौरान कोई घर के बाहर ना जाए, कोई कार्यक्रम ना हो। लेकिन दूल्हा कोरोना नियमों को धता बताते हुए कंटेनमेंट तोड़कर अपनी दुल्हनिया लेने पहुंच गया।
शादी की खबर प्रशासन को लग गई और अफसर पहुंच गए शादी रुकवाने। दूल्हे के पिता की दलील ये थी कि लड़का असिम्टोमेटिक था यानी उसे कोई खास लक्षण या तकलीफ नहीं थी, तो सोचा था कि शुभ मुहूर्त क्यों टाला जाए।
वैसे प्रशासन के अफसर आए तो थे शादी रुकवाने, पर बाद में खुद बाराती बन गए। दूल्हा-दुल्हन, पंडित और कुछ चुनिंदा घराती-बाराती..सबको PPE किट पहनाई गई और फिर शादी के सारे रीति-रिवाज संपन्न कराए गए। प्रशासन के अफसर विदाई तक रुक रहे।
अफसरों नेखुद माना कि कि दूल्हे ने नियम तोड़े हैं, लेकिन परिवार के आग्रह और वरिष्ठ अधिकारियों के दखल के बाद शादी करवाई गई।
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