मुंगेर, बिहार
शाम चार बजकर 51 मिनट पर बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस जब भागलपुर की ओर रवाना हुई तो सब कुछ सामान्य था। तभी पीली रंग की साड़ी पहने, गोद में बच्चा उठाए इस महिला ने चलती ट्रेन से उतरनेकी कोशिश की। बैलेंस बिगड़ा और महिला बच्चे सहित प्लेटफॉर्म पर नीचे गिर गई और इसस पहले कि मौके पर मौजूद आरपीएफ का जवान उन्हें बचाने की कोशिश करता, दोनों घिसटते हुए चलती ट्रेन के नीचे चले गए।
आरपीएफ का जवान डरकर उल्टी दिशा में भागा। उसे लगा कि बड़ी अनहोनीहो गई। घबराया हुआ जवान फिर ट्रेन की ओर आया, स्टेशन पर खलबली मच गई...लोग इकट्ठा हो गए। ट्रेन की स्पीड के साथ लोगों की धड़कनेंबढ़ती जा रही थीं। सबको अनहोनी का डर सता रहा था। कुछ लोग तो मान चुके कि दोनों का जिंदा बचना अब नामुमकिन है। कोई कह रहा था कि ट्रेन को रुकवाओ तो किसी ने कहा कि अब गाड़ी को गुजर ही जाने दो। तभी ट्रेन की स्पीड कुछ स्लो हुई, लोग हाथ देकर इशारा करने लगे कि ट्रेन को अब रोको मत। सिर्फ दो डिब्बे बचे थे और ट्रेन रुक गई। शायद किसी ने चेन खींची थी।
लोग ट्रेन की नीचे झांककर देखने लगे। आरपीएफ जवानसबको पीछे रहने की हिदायत दी। ट्रेन के गार्ड ने ड्राइवर से वॉकी टॉकी पर बात की और हालात की जानकारी देकर ट्रेन आगे बढ़ाने को कहा।इस बीच सबके जहन में एक ही सवाल था- महिला और बच्चे का क्या हुआ होगा? लगभग 2 मिनट खड़ी रहने के बाद ट्रेन फिर चली, लोगों की नजरेंट्रैक पर गड़ी थीं और जैसे ही ट्रेन पूरी गुजरी, लोगों की भीड़ महिला और बच्चे को सही सलामत देखकर सुखद आश्चर्च से भर गए।
जी हां, महिलाऔर उसका मासूम बच्चा जिंदा थे। जिस तरह से महिला बच्चे के साथ ट्रेन के नीचे आई थी, उसके बाद ऐसा चमत्कार की कल्पना किसी ने नहींकी थी। महिला और बच्चे को सिर्फ मामूली चोटें आई हैं। ट्रेन पर चढ़ने-उतरने के दौरान ऐसे कई हादसे रेलवे स्टेशनों पर पहले भी होते रहे हैं,लेकिन ऐसे चमत्कार कम ही होते हैं।
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