अमित कुमार, रोहतास: सासाराम के सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर में मोबाइल की रोशनी में मरीजों के इलाज होने की लापरवाही भरी खबर सामने आई है। बता दें कि बिजली की आंख मिचौली से ऐसी समस्या होती रहती है। कई करोड़ की लागत से मॉडल अस्पताल का भवन तो बना दिया गया। लेकिन रखरखाव की स्थिति आप देख सकते हैं कि मरीजों का इलाज मोबाइल की रोशनी में किया जा रहा है। यह तस्वीर शनिवार की शाम की है। जब बिजली चली गई तो जेनरेटर स्टार्ट नहीं हुआ। ऐसे में सासाराम के करसेरुआ की रिंकू कुमारी नामकी एक 22 वर्षीय मरीज का इलाज कुछ इसी तरह से मोबाइल की बत्तियां जला कर की गई। ओमीक्रोन से पहले ये तस्वीरें कहीं न कहीं राज्य के स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
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