Saturday, January 1, 2022

Vaishno Devi Hadsa: वो बच्ची मेरे सामने दबकर मर गई... Witnesses ने बयां किया Stampede का वो खौफनाक मंजर

लोग नए साल पर माता का आशीर्वाद लेने के लिए वैष्णो देवी पहुंचे थे। वैष्णो देवी भवन खचाखच भरा हुआ था। भीड़ हजारों में थी। कुछ जश्मदीदों का दावा है कि संख्या लाख में थी। पैर रखने तक की जगह नहीं थी। दुनिया जब नए साल का जश्न में डूबी थी, उसी दौरान आधी रात के बाद जयकारों का उद्घोष मातम की चीख-पुकार में बदल गया। वैष्णो देवी परिसर में आधी रात के बाद कुछ ऐसा हुआ जो श्रद्धालुओं ने इससे पहले कभी नहीं देखा था। भीड़ के भयानक रेले के बीच भगदड़ मची और 12 लोग पिस गए।

एक चश्मदीद ने जो मंजर बयां किया, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उसने बताया कि कैसे करीब 14 साल की एक बच्ची ने उनकी आंखों के सामने दम तोड़ दिया।चश्मदीद के मुताबिक,

'मैं 31 दिसंबर के आसपास माता के दर्शनों के लिए करीब 20 साल से आ रहा हूं। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। इतनी भीड़ मैंने कभी नहीं देखी। उस घटना को देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो रहे हैं। एक 14-15 साल की बेटी की मौत हो गई। यह हुआ सिर्फ इस वजह से कि वहां पुलिसकर्मी कम थे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उनको कंट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल था। सीआरपीएफ के जवानों ने बहुत विनम्रता से सबको हैंडल किया हुआ था, लेकिन स्थिति कैसे बिगड़ती चली गई पता ही नहीं चला। एकदम से काफी सारे लोग पिस गए। हम उस समय दर्शन कर चुके थे। काफी लोग तो बिना दर्शन किए ही लौट गए।'

श्रद्धालु इस बात से हैरान हैं कि भीड़ को परिसर में बढ़ने क्यों दिया गया। जब श्रद्धालुओं की संख्या मंदिर परिसर में बढ़ती ही जा रही थी, तो उन्हें नियंत्रित क्यों नहीं किया गया। एक चश्मदीद ने बताया,

'नए साल पर क्या स्थिति रहती है सभी को पता होता है। फिर यह स्थित क्यों बिगड़ी। पब्लिक जब इतनी आती है, तो पहले से भीड़ को रोकने का इंतजाम करना चाहिए था। यह सब हादसे के बाद तीन बजे ही क्यों किया गया।'

कटरा लौटे एक अन्य चश्मदीद ने व्यवस्थाओं को लेकर भारी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा-

'प्रशासनिक व्यवस्था बिल्कुल भी ठीक नहीं थी। श्रद्धालुओं की लाइन को दो भागों में बांटा नहीं गया था। सभी को एक साथ आने-जाने दिया जा रहा था। इससे भगदड़ मच गई। जाने वाले लोग जल्दबाजी में होते हैं। वे कहीं से भी निकलने के चक्कर में थे। इसने स्थिति को बिगाड़ दिया। मैंने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा था।'

इस भगदड़ में बची महिला बेहद गुस्से में थी। उन्होंने उस मंजर को बयां करते हुए बताया,

'वहां कोई भी नहीं था... इतनी जनता नहीं मरती वहां पर... आखिर इतनी जनता को एक साथ क्यों जाने दिया गया। नियम के साथ क्यों नहीं भेजा थोड़ा-थोड़ा करके...जानबूझकर मरवाया है यात्रियों को।'

एक अन्य चश्मदीद ने बताया,

'ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे वहां। फिर हो हल्ला हुआ। पुलिस ने को लाठीचार्ज नहीं किया था। अफरातफरी से स्थिति बिगड़ी। लोगों ने हल्ला किया, इसके बाद भगदड़ मच गई। हम लोग दर्शन वाली लाइन में थे। हम हर साल 31 दिसंबर को दर्शन के लिए आते हैं। वहां करीब ढाई से तीन लाख लोग रहे होंगे। रात में भगदड़ दो हिस्सों में हुई। पहली में सब ठीक थी। लेकिन दूसरी में कई की जानें चली गई।' #VaishnoDevi #Stampede #VaishnoDeviHadsa




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