Thursday, May 12, 2022

UP DGP Mukul Goel Removed: निकम्मा तक कह डाला! डीजीपी को हटाने के आदेश की सोशल मीडिया पर चर्चा

बुधवार की शाम यूपी से आई एक खबर ने प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी। खबर थी कि यूपी पुलिस के सबसे बड़े अफसर यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, हिंदी में कहें तो पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को उनके पद से हटा दिया गया है। योगी सरकार ने पिछले साल जून में ही उन्हें डीजीपी नियुक्त किया था, यानी इस पद पर अभी गोयल को एक साल भी नहीं हुआ था और सीएम योगी ने उन्हें आउट कर दिया। लेकिन खबर इतनी भर नहीं थी। असली खबर थी उन्हें हटाने के आदेश में लिखी गई भाषा। यूपी में शायद ही इसके पहले कभी इतने बड़े रैंक के अफसर के लिए इतने सख्त शब्दों का इस्तेमाल हुआ होगा और उसे सार्वजनिक किया गया होगा। पुलिस कप्तान को एक तरह से निकम्मा कह दिया गया। जी हां, आदेश में कहा गया-

'मुकुल गोयल को शासकीय कार्यों की अवहेलना करने, विभागीय कार्यों में रुचि न लेने और अकर्मण्यता के चलते DGP पद से मुक्त करते हुए डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेजा जा रहा है।'

यानी पुलिस कप्तान सरकार के कामों की अनदेखी कर रहे थे, अपने डिपार्टमेंट के काम में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे और अकर्मण्य थे, आसान भाषा में कहे तो निकम्मे थे।

योगी से कदमताल नहीं कर पाए गोयल
दरअसल सीएम की पसंद हमेशा वो अफसर रहे जो मिशन मोड पर काम करते हों। लेकिन केंद्र में प्रतिनियुक्ति से करीब पांच साल बाद यूपी लौटे 1987 बैच के IPS अधिकारी मुकुल गोयल योगी की चाल से कदमताल नहीं कर पाए। यूपी में अपराध की बड़ी घटनाओं के बाद जिस तरह की सक्रियता की उनसे उम्मीद थी, वो उस पर भी खरे नहीं उतर पा रहे थे। इस बीच प्रदेश में अपराध के मामले बढ़ते जा रहे थे और विपक्षी दल सरकार पर हमलावर थे। बिगड़ती कानून व्यवस्था के चलते योगी नाराज थे। बीते एक महीने के दौरान सीएम योगी के यहां हुई दो बड़ी बैठकों में डीजीपी की गैरमौजूदगी भी खूब चर्चा का विषय रही। इन दो बैठकों के बाद ही डीजीपी की विदाई की चर्चाएं तेज हो गईं।

सपा से नजदीकी के भी लगे आरोप
मुकुल गोयल पर पूर्ववर्ती सपा सरकार के करीबी होने, उनकी तैनाती के बाद अखिलेश द्वारा उनके पक्ष में किए गए ट्वीट ने भी उन्हें योगी सरकार के बीच असहज कर दिया था। ये भी चर्चा है कि विधानसभा चुनाव की मतगणना से एक दिन पहले कुछ अफसरों को किए गए फोन भी डीजीपी को हटाए जाने की एक बड़ी वजह बने।

बहरहाल, फिलहाल योगी को डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेज दिया गया है। नए डीजीपी की तैनाती तक डीजीपी का कार्यभार एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार को सौंप दिया गया है। इस बीच गोयल को हटाए जाने की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा है...लोग कह रहे हैं कि योगी सरकार ने जिस तरह ये पुलिस कप्तान को हटाया, ऐसे तो किसी दरोगा को भी नहीं हटाया जाता।




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