वाराणसी: सावन (Sawan 2022) में कोविड की वजह से बाबा विश्वनाथ (Baba Kashi Vishwanath) और शिव भक्तों (Shiv Bhakt) के बीच एक दूरी सी बन गई थी। 2 वर्षों से काशी (Kashi) में सावन के महीने में तमाम बंदिशें लगाई गई थी, जिसकी वजह से शिव भक्तों की संख्या काफी कम थी। लेकिन इस बार बंदिश न होने के कारण जमकर शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी है। सावन के पहले सोमवार को परंपरा के मुताबिक यादव बंधुओं ने सबसे पहले केदार घाट पर स्थित बाबा केदारेश्वर का जलाभिषेक (Jalabhishek) किया। रविवार दोपहर से ही कांवड़ियों (kanwariye) की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। 1932 से ही सावन के पहले सोमवार को यादव बंधु जलाभिषेक करते रहे हैं। शिव भक्तों के उत्साह में कोई कमी वाराणसी में देखने को नहीं मिल रही। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ एक दिन में छह लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। मंदिर प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं को धूप और गर्मी से बचाने के लिए तमाम इंतजाम किए गए है। ज्ञानवापी मस्जिद शिवलिंग के प्रकरण ने भी प्रशासन को मुस्तैद कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर सादी वर्दी में पुलिस वाले भी निगरानी कर रहा है। पहले सोमवार पर काशी के सभी देवालयों में शिवलिंग पर जलाभिषेक के लिए भीड़ उमड़ रही है। (वीडियो इनपुट - अभिषेक झा)
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