जम्मू कश्मीर में राजौरी सेक्टर के परगल आर्मी कैंप पर गुरुवार सुबह आतंकियों ने हमला कर दिया था। इस आतंकी हमले में दो अन्य जवान शहीद हुए। सेना ने दो आतंकियों को भी मार गिराया है। शहीदों में बल्लभगढ़ के शाहजहांपुर गांव निवासी बाबूलाल भाटी के छोटे बेटे राइफलमैन मनोज कुमार भाटी भी शहीद हुए। गुरुवार सुबह घरवालों को उनके शहादत की खबर मिली। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। शहीद का पार्थिव शरीर फरीदाबाद के बल्लबगढ़ लाया गया। इस दौरान प्रदेश के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा पहुंचे। वह शहीद मनोज भाटी के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा में हुए शामिल। अंतिम यात्रा आंबेडकर चौक से शुरू होकर गांव शाहजाहंपुर ले जाई गई। शहीद मनोज का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान मंत्री अंतिम यात्रा में पहुंचे तो सेना के एक जवान उनसे लिपटकर रो पड़ा। भाई की शहादत ने उसकी आंखें नम कर दीं। मनोज भाटी के घर के आसपास ग्रामीण जमा हो गए पुरुषों और महिलाओं के समूह अलग-अलग बैठे और युवा सैनिक की मौत पर शोक व्यक्त किया। शाहजहांपुर लगभग 150 सैनिकों का घर है। यहां के बच्चे ग्रामीणों की वीरता की कहानियां सुनकर बड़े होते हैं, जिन्हें सशस्त्र बलों में शामिल किया जाता है। सरपंच नाहर सिंह के अनुसार, भाटी शाहजहांपुर के पहले फौजी हैं जिन्होंने देश के लिए लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
from न्यूज़ - वीडियो - Navbharat Times https://ift.tt/vD4r6yW
No comments:
Post a Comment