लखनऊ : मुलायम सिंह यादव का 10 अक्टूबर को निधन हो गया। मुलायम के तमाम कामों को लगातार याद किया जा रहा है। उनकी तमाम पहल में से एक रही थी- यश भारती सम्मान। 1994 में इन पुरस्कारों की शुरुआत हुई थी। इसके तहत अलग-अलग क्षेत्र के कलाकारों को एक लाख की सम्मान राशि दी जाती थी। शुरू होने के एक साल बाद ही ये सम्मान बंद हो गए और 2003 तक बंद रहे। 2003 में सपा सरकार में फिर शुरू हुए। बाद में 11 लाख की राशि, 50 हजार की पेंशन शुरु की गई। लेकिन एक दिक्कत हो गई। मुलायम राज में गुमनाम कलाकारों को ये सम्मान दिए गए। उद्देश्य था कि ये कलाकार अच्छे से जीवन यापन कर सकें। लेकिन अखिलेश राज में दोनों हाथों से बांट दिए गए यश भारती और इसका महत्व कम होता गया।
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