भोपाल/ग्वालियर
मध्य प्रदेश में सभी 3000 जूनियर डॉक्टरों के इस्तीफे से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराने की आशंका पैदा हो गई है। जूनियर डॉक्टर पिछले चार दिनों से हड़ताल पर थे। गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी हड़ताल को अवैधानिक करार दिया था। जूनियर डॉक्टरों को 24 घंटे के अंदर काम पर लौटने का निर्देश भी हाईकोर्ट ने दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और रीवा मेडिकल कॉलेजों के सभी जूनियर डॉक्टरों ने एक साथ इस्तीफा दिया।
MP Junior Doctors Resign: सरकार कह रही मांगें मान ली, फिर कहां फंसा पेच, 3000 जूनियर डॉक्टरों ने क्यों दिया इस्तीफा?
इसके साथ ही डॉक्टरों ने यह संकेत भी दिया कि सरकार उनसे बात करे तो मामला सुलझ सकता है। जीआर मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की वाइस प्रेसिडेंट डॉ अंकिता त्रिपाठी ने कहा कि इस्तीफा कोई धमकी नहीं है, केवल उनका आग्रह है। जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधि चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मिलने की कई बार गुजारिश कर चुके हैं, लेकिन मंत्री बात करने को तैयार नहीं हैं।
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