Saturday, July 23, 2022

JAM 2023 notification released by IIT Guwahati, check details here

The Joint Admission Test for Masters, JAM 2023 notification has been released by the Indian Institute of Technology, IIT Guwahati. The registration is going to begin from September 7 on the official website of JAM. IIT Guwahati is conducting this examination for those candidates, who wants to take admission in MSc, joint PhD and other courses at 21 IITs and IISc Bangalore

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Dehradun टोल प्लाजा के केबिन में जा घुसा ट्रक, भयानक हादसा देख दंग रह लोग, देखें वीडियो

देहरादून: उत्तराखंड (Dehradun) के देहरादून से भयानक एक्सीडेंट का एक वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है। डोईवाला में लच्छीवाला टोल प्लाजा (Lachhiwala Toll Plaza) पर एक तेज रफ्तार ट्रक पलट गया। सीमेंट से लदा अनियंत्रित ट्रक सीधे टोल प्लाजा पर एक केबिन में जा घुसा और पलट गया। इस हादसे में एक लड़की घायल हो गई और उसे अस्पताल भेजा गया। वहीं ट्रक के ठीक आगे टोल पर खड़ी कार और उसमें सवार लोग बाल-बाल बच गए। हादसे के दौरान कार चालक समझदारी से गाड़ी को आगे बढ़ा लेता है। हादसे के बाद मौके पर भीड़ लग गई। इस भयानक हादसे में किसी की जान नहीं गई। बताया जा रहा है हादसा शनिवार दोपहर के वक्त हुआ।




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Electricity Rate: यूपी में बिजली बिल पर योगी सरकार की बड़ी राहत, क्या होंगी नई दरें ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दी जानकारी

लखनऊ: यूपीईआरसी ने वर्ष 2022-23 के बिजली के नए टैरिफ (Electricity Rates In UP) की घोषणा कर दी है। इस वर्ष के लिए बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। वहीं आयोग ने अधिकतम स्लैब सीमा को कम किया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का बिजली की दरों में कटौती पर बयान, कहा 50 पैसे से लेकर एक रुपये तक की कमी की गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग और सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि यूपी विद्युत नियामक आयोग ने 2022-23 के लिए बिजली दरें पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम है। 80 स्लैब को घटाकर 59 कर दिए गए है। इससे उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी। ग्रामीण और शहरी बिजली दरों में काफी कमी आई है। जानकारी के मुताबिक सात रुपये प्रति यूनिट की दर को समाप्त किया गया है। अब 500 यूनिट से ज्यादा उपभोग होने पर 6.5 रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिल देना होगा।

क्या हैं शहरी क्षेत्र की दरें
शहरी घरेलू बीपीएल उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक 3 रुपये यूनिट से बिजली मिलेगी। प्रदेश के शहरी विद्युत उपभोक्ताओं के लिए जीरो से 100 यूनिट तक 5.50 रुपये प्रति यूनिट, 101 से 150 यूनिट तक प्रति यूनिट 5.50 रुपये प्रति यूनिट, 151 से 300 यूनिट तक प्रति यूनिट 6.00 रुपये और 300 यूनिट के ऊपर 6.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से दरें निर्धारित की गई हैं। जबकि शहरों में घरेलू बीपीएल परिवारों को 100 यूनिट तक प्रति यूनिट 3.00 रुपये के हिसाब से बिल देना होगा।

ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को इन दरों से देना होगा बिल
इसी तरह, ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को जीरो से 100 यूनिट तक 3.35 रुपये प्रति यूनिट, 101-150 यूनिट तक 3.85 रुपये प्रति यूनिट, 151 से 300 यूनिट तक 5.00 रुपये प्रति यूनिट और 300 से ऊपर यूनिट होने पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट देना होगा। जबकि, ग्रामीण घरेलू बीपीएल परिवारों को 100 यूनिट तक तीन रुपये में बिजली दी जाएगी। उत्तर प्रदेश में पहले बिजली के दर की स्लैब 80 थीं, जिनको घटाकर 59 कर दिया गया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं से साथ व्यावसायिक उपयोग करने वालों को भी काफी राहत मिलेगी। ज्यादा बिजली खर्च करने वाले शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। अब सात रुपये यूनिट नहीं देना होगा। शहरी घरेलू बीपीएल उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक 3 रुपये यूनिट से बिजली मिलेगी।




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जिस्म का सौदा करने वाली महिलाएं आज ढक रहीं दूसरों का बदन, ये खबर आंखों में आंसू ला देगी

मुजफ्फरपुर: शहर का रेडलाइट एरिया अब तक बदनामी के लिए ही चर्चा में रहा है, लेकिन अब छवि बदलने लगी है। वहां की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह बनाकर काम शुरू कर दिया है। उनके इस काम को उद्योग विभाग ने भी सराहा है। इस 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को उद्योग विभाग भी सहयोग करेगा। यहां महिलाएं एक समूह में दुकान से बचे कपड़े लाकर लेडिज रेडीमेड वस्त्र तैयार कर रही हैं। अब उद्योग विभाग रेडिमेड क्लस्टर बनाकर उनको समाज की मुख्यधारा से जोड़ेगा।

चतुर्भुज स्थान के जोहरा गली में संचालित महिलाओं के इस समूह को बिहार हाट में अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा। जोहरा संर्वद्धन स्वयं सहायता समूह में 12 महिलाएं शामिल हैं। समूह की अध्यक्ष अमरूल निशां, सचिव और कोषाध्यक्ष शमीमा खातून है।

शमीमा ने बताया कि बचे कपड़े को जमा करने के बाद जोहरा सिलाई सेंटर में महिलाएं वस्त्र तैयार करती हैं। थान से बचा कपड़ा कम रेट में मिल जाता है। उद्योग विभाग से समन्वय बनाने वाली परचम संगठन की सचिव नसीमा खातून ने बताया कि इस समूह को पूर्ण रूप से सक्रिय करने के लिए जिला उद्योग केंद्र और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अधिकारी से मिलकर पहल की गई है।

उद्योग महाप्रबंधक ने महिलाओं के इस बेहतर प्रयास को देखकर उनको तकनीकी और बैंक से जोड़कर सहयोग करेगा। वहां पर रेडीमेड क्लस्टर का निर्माण हो, इस दिशा में पहल शुरू कर दी गई है, जिससे यह जिले का एक मॉडल समूह बन जाएगा। एक विशेष समुदाय के लोगों का यह समूह जो उत्पादन करेगा, उसको बाजार दिलाने का काम विभाग करेगा। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई योजना चल रही। वह बैंक से समूह को जोड़ेंगे, ताकि उनको आर्थिक सहायता मिले।




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बिहार के बेचारे किसान क्या करें? पहले मानसून ने मारा, अब खाद की कालाबाजारी करने वाले चूस रहे खून

औरंगाबाद: सुखाड़ का डर सता रहा है, बारिश नहीं हो रही है। इसके बावजूद अन्नदाताओं ने पंपिंग सेट से सिंचाई कर धान के बिचड़े तैयार कर लिए हैं। जैसे-तैसे रोपनी की तैयारी में हैं। इसके लिए उर्वरकों की जरूरत है, लेकिन कालाबाजारियों ने खाद को गधे के सिर से सिंग की भांति गायब कर दिया है। नतीजा किसानों में हाहाकार मचा है। ऐसे में रेट पर खाद पाने के लिए किसानों की नजर सहकारी संस्थाओं के उर्वरक बिक्री केंद्रों की ओर जाती है, पर यहां भी खाद के लिए मारामारी है। लंबी लाइन लगी है।

खाद के लिए घंटो लाइन में लगना पड़ रहा
आसमान आग उगल रहा है। किसान गमछे से पसीना पोछते हुए खाद के लिए लाइन में लगे हैं। औरंगाबाद में बिस्कोमान के उर्वरक बिक्री केंद्र पर खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसानों ने बताया कि प्राइवेट उर्वरक रिटेलर निर्धारित कीमत से ज्यादा रेट पर खाद दे रहे हैं। यही वजह है कि किसान खाद पाने के लिए सहकारी संस्थाओं के बिक्री केंद्र पर निर्भर हैं, पर यहां भी भीड़ ज्यादा है।

ज्यादा रेट पर खाद देने की रसीद भी नहीं दे रहे
अहले सुबह से ही किसान खाद लेने के लिए लंबी लाइन में लग रहे हैं। बारिश नही होने से उमसभरी गर्मी में घंटों लाइन में लगने पर खाद मिल रहा है, पर यहां भी आवंटन का अभाव है। इस कारण यहां से भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में उर्वरक नहीं मिल रहा है। किसानों ने कहा कि सिर्फ आधार कार्ड पर खाद देना गलत है, बल्कि कृषि भूमि की रसीद पर खाद दिया जाना चाहिए, ताकि रसीद से खाद की आवश्यक मात्रा का पता चल सके।

'खाद के लिए लाइन में लगें कि शिकायत करने जाएं'
दोष सिस्टम का है, क्योंकि आधार कार्ड से खेती नहीं करने वाले लोग खाद प्राप्त कर दूसरे किसानों को बेच रहे हैं। इस वजह से किसानों में खाद लेने की होड़ मची है। किसान प्राइवेट रिटेलर के यहां जाते हैं तो वह ज्यादा कीमत पर खाद देते हैं। इसकी शिकायत करने पर कृषि विभाग के अधिकारी कहते हैं कि ज्यादा कीमत पर खाद लेने की रसीद दीजिए, जो ब्लैक में बेचेगा, वह रसीद नहीं देगा और हम खाद लें कि शिकायत करने जाएं।

खाद की कालाबाजारी में प्रशासन की मिलीभगत
खाद की कालाबाजारी में प्रशासन की मिलीभगत के भी आरोप लग रहे हैं। वहीं इस मामले में जिला कृषि पदाधिकारी का जवाब अटपटा है। वह ज्यादा रेट पर खाद लेने के मामले में कहते हैं कि किसान परेशान हैं। प्रकृति की मार झेल रहे हैं। उनके पास पूंजी का अभाव है। लिहाजा वह रिटेलर से उधारी में खाद मांगते हैं जबकि सहकारी संस्थाओं से नकद में खाद मिलता है। रिटेलर जब उधारी में खाद देगा तो अधिक कीमत लेगा ही।

वहीं रिटेलर भी थोक विक्रेता से उधार में खाद लेते हैं। उधारी में उन्हें भी महंगी दरों पर खाद मिलता है। इस कारण वह भी महंगे दर पर खाद बेच रहे हैं। इसके बावजूद जो भी किसान नकद में रिटेलर से खाद खरीद रहे हैं, वे पॉस मशीन में बताई जा रही कीमत से अधिक न दे और अधिक कीमत मांगे जाने पर इसकी शिकायत करें। मतलब साफ है कि उधारी का चादर ओढ़ाकर डीएओ रिटेलरों की कालाबाजारी को जायज भी ठहरा रहे हैं और उन्हें पाक साफ भी बता रहे हैं।




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DPSRU organized symposium to discuss Globalization of Public Health

Delhi Pharmaceutical Sciences and Research University organized a two-day symposium on “Public Health in context of Globalization” recently.

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Population Control: बीजेपी सांसद रवि किशन बोले-जनसंख्या नियंत्रण के बिना भारत नहीं बन पाएगा विश्व गुरु

बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून देश के लिए बहुत जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत को अगर सुपर पावर बनाना है तो हमें इस दिशा में कदम उठाना हगा। रवि किशन इस सिलसिले में संसद में प्राइवेट मेंबर बिल लाने की मंशा रखते हैं। उन्होंने कहा, 'भारत को अगर विश्व गुरु बनना है तो इसके लिए जनसंख्या को कंट्रोल करना होगा ही होगा। इसमें जात-पात या धर्म से जुड़ी कोई बात नहीं है।'




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NEET PG 2026: From 180 questions to mandatory Aadhaar authentication, check key changes

NEET PG 2026 will feature more test city choices for candidates. The examination will now be conducted in a single shift across the country....