Monday, April 4, 2022

प्रेमी ने किया इनकार तो प्रेमिका पहुंची थाने, फिर थाने में हुई शादी...जानिए क्या है मामला

औरंगाबाद: सही कहा जाता है कि जोड़ियां भगवान ही बना कर भेजते हैं और एक पुरुष उसी महिला के साथ परिणय सूत्र में बंध जाता है जो एक दूसरे के लिए बने होते है। हां इसको लेकर कभी-कभी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन जब सफलता मिलती है तो जो सुखद एहसास होता है, उसकी अभिव्यक्ति आनंददायी होती है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को नगर थाना स्थित शिव मंदिर में देखने को मिला, जहां महिला थानाध्यक्ष कुमकुम कुमारी के प्रयास से एक प्रेमी युगल की शादी कराई गई और इस शादी समारोह में बिना वर्दी में पुलिसकर्मियों ने बाराती एवं घराती की भूमिका निभाई। यह एक ऐसी शादी थी, जहां न बाजा बजा, न बारात आई। आज विधिवत हिन्दू रीति रिवाज से थाना परिसर स्थित मंदिर में पुलिसकर्मियों और परिजनों की उपस्थिति में शादी करा दी गयी।

जानकारी के अनुसार, पौथु थाना के बिरुआ गांव निवासी सरयू यादव की पुत्री श्वेता की आंखें एक वर्ष पूर्व हसपुरा के गिरधारी मठिया गांव निवासी चंदन कुमार से चार हो गईं। धीरे-धीरे दोनों का प्रेम परवान चढ़ने लगा और फ़िल्म की तरह साथ जीने साथ मरने की कसमें खाने लगे। दोनों के बीच सब कुछ ठीक ठाक चला। फिर भी शादी को लेकर कुछ अड़चन आ ही गयी और घर के दबाव में लड़का इनकार चला गया। अपने प्रेमी के इनकार से प्रेमिका श्वेता बिफर पड़ी और उसने इसकी सूचना अपने परिजनों को दी।

बेटी की खुशी को देखते हुए उसके पिता ने भेटनियां पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि विजय कुमार से मुलाकात कर सारी बात बताई और सरपंच प्रतिनिधि ने इस मामले को महिला थाना लाया जहां थानाध्यक्ष की पहल पर दोनों के परिवार वालों से बात कर धूमधाम से शादी सम्पन्न कराई। महिला थाना अध्यक्ष कुमकुम ने बताया कि लड़के ने शादी से इनकार कर दिया था। मगर मामला जब महिला थाने पहुंचा दो लड़का और उनके परिवार को बुलाकर समझाया गया। जिसके बाद दोनों की शादी महिला थाना स्थित शिव मंदिर में करवा दी गई।




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